प्रिय दोस्तों

सादर नमस्कार व सुप्रभात

आज परमवीर चक्र से सम्मानित शूरवीर कैप्टेन बाना सिंह जी का 70वां जन्मदिवस है। सेवानिवृत्त होने के बाद से बाना सिंह जी जम्मू के आर एस पुरा सेक्टर में निवास कर रहे हैं।

बाना सिंह का जन्म 6 जनवरी 1949 को जम्मू और कश्मीर में एक सिख परिवार में हुआ था ।

उन्होने 6 जनवरी 1969 को जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAK LI) की 8 वीं बटालियन में भारतीय सेना में उन्हे सेवा में लिया गया एवं उन्हें हाई आल्टीटयूट वारफेयर में  विशेष प्रशिक्षित दिया गया।

1987 मे पाकिस्तानियों ने कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सियाचिन के क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया था, उन्ही मे से एक अति महत्वपुर्ण जगह को पाकिस्तानियों ने नाम दिया – क़ैद पोस्ट, इसी क़ैद पोस्ट को पाकिस्तानियों के कब्ज़े से मुक्त कराने की जिम्मेदारी मिली जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAK LI) की 8 वीं बटालियन को। शुरुआती विफलताओं के बाद, सूबेदार बाना सिंह जी के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम ने सफलतापूर्वक पाकिस्तानियों से युद्ध कर, इस पर तिरंगा फहरा दिया।

14 अप्रेल 1984 को भारत ने पाकिस्तान को सल्तारो पर्वत श्रृंखला से खदेड़ दिया और ऐसे स्थानों  पर चौकियाँ बना लीं, जहां से पाकिस्तान सियाचिन की ओर झाँक भी नहीं सकता था । इस पूरे ऑपरेशन में सूबेदार बाना सिंह ने अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन के दांत  खट्टे  कर दिये । बाना सिंह जी को इस वीरता के लिए 26 जनवरी 1988, को परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया । इतना ही नहीं, उनके नाम पर यहाँ एक चोटी का नाम भी रखा है – बाना टोप, जो कि सियाचिन ग्लेशियर इलाके में सबसे ऊंची चोटी पर 6500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं ।

जम्मू कश्मीर सरकार ने इनके सम्मान मे एक स्टेडियम का नाम भी इनके नाम पर रखा है ।

मुझे इनसे रूबरू मिलने का सौभाग्य मिल चुका है। आइए ईश्वर से इनकी लंबी आयु व स्वस्थ जीवन की कामना करें।

जय हिंद।

साभार
देशभक्ति के पावन तीर्थ
लेखक ऋषि राज
प्रकाशक प्रभात प्रकाशन